Posts

Showing posts from January, 2025

प्यारा कश्मीर

Image
मैं आपके सामने कश्मीर से संबंधित है एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूं जिसमें कश्मीर को चारों युगों से जोड़ने का प्रयास किया गया है हो सकता है की मेरी कल्पना में आए हुए विचार गलत हो यदि आप कुछ गलत पाते हैं तो मुझे कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं मैं आपका बहुत-बहुत आभारी रहूंगा तो लीजिए प्रस्तुत है यह गीत प्यारा कश्मीर मेरी आन चली जाएगी , मेरी जान चली जाएगी , तलवार के संग संग में मेरी म्यान चली जाएगी॥  धरती से स्वर्ग की पहचान चली जाएगी ॥  जाए कश्मीर तो मेरी जान चली जाएगी-----२ इतिहास है शिव जी का, यहां वास है शिव जी का , हैं अमरनाथ बाबा कैलाश है शिव जी का ॥  हिमालय की शिवलिंग वाली खान चली जाएगी जाए कश्मीर तो मेरी जान चली जाएगी-----"1"  ससुराल दशरथ की है, ननिहाल भरत की है,  है भरत भूमि प्यारी श्री रामचरित की है ॥  विश्व सुंदरी केकई की शान चली जाएगी  जाए कश्मीर तो मेरी जान चली जाएगी------"2" कश्मीर कर्ण की है ,जगह मेरे धरन की है , है भरत भूमि सारी यह मेरे वतन की है॥  कुरुक्षेत्र की वह सारी ठान चली जाएगी  जाए कश्मीर तो मेरी जान चली जाएगी-...

सरस्वती वंदना - 1

Image
माँ शारदे तुम्हे आना होगा                     वीणा मधुरतम बजाना होगा ---2 कमल के आसन आज हो बैठारी माँ  करती हैं आप सदा हंस की सवारी माँ  अब ना चलेगा कोई बहाना होगा   वीणा मधुरतम बजाना होगा ---2 सुर की गंगा आज ऐसी बहा दो माँ  सा-रे- गा-मा के क्रम से परिचय करा दो माँ  अज्ञान का तम मिटाना होगा  वीणा मधुरतम बजाना होगा ---2 जिसपे कृपा करे बने मालामाल माँ  थोड़ी सी नजर हटे बने कंगाल माँ  'देवू ' को दास निज बनाना होगा  वीणा मधुरतम बजाना होगा ---2

सरस्वती वंदना ----8

तर्ज - जिंदगी की राहों में रंजो गम के  मेले हैं हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं  माता तेरे चरणों में, माता तेरे चरणों में, माता तेरे चरणों में  शीश हम झुकाए हैं  हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं.......  श्वेत कमल का आसन तुम्हारा है  श्वेत कमल का आसन तुम्हारा है  श्वेत ही वसन माँ तुम्हें अधिक भाए हैं  हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं.......  वीणा को धारण करके दर्शन दिखा दो माँ  वीणा को धारण करके दर्शन दिखा दो माँ  श्रद्धा सुमन हैं कर में आज हम लाए हैं  हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं.......  स्वर की एक धार तू मुझको पिला दे माँ  स्वर की एक धार तू मुझको पिला दे माँ  शब्द सारे देवू के हैं नारायण ने गाए हैं  हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं....... 

सरस्वती वंदना 7

तर्ज - चन्दन सा वदन चंचल चितवन  हे शारदे मां मुझे तार दे माँ, विनती मैं करूं तेरी बार बार  मेरी मैया दुख सब हरले तू आकर मेरे द्वार - द्वार  वीणा कर में धारण करती, हो करती हंस सवारी माँ  है श्वेत कमल आसन तुमरा, सुन ली अरदास हमारी माँ  तेरे दर पे खड़े हैं दीन दुःखी, आँसुओं की बहती धार - धार  हे शारदे मां...... दे ज्ञान प्रकाश सभी को माँ, और कर दे निर्मल सब का मन  सदमार्ग चुनें सब लोग यहां, कर दे पावन सब का मन  ना बैर भाव हो आपस में, हर प्राणी में हो प्यार - प्यार  हे शारदे मां...... मेरे कण्ठ में भर दे स्वर गंगा, भर दे हृदय में प्रेम धार  ना करूं किसी से मैं ईर्ष्या और कर दे मुझको भव से पार  नारायण तेरा दास है माँ, "देवू" की कलम पे जाऊं वार  हे शारदे मां......  

विश्व गुरु भारत

Image
                      🙏 'विनम्र निवेदन'🙏 आदरणीय पाठक बंधु भगिनी सादर प्रणाम ,  मुझे यह लिखते हुए अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है कि आपके समक्ष प्रस्तुत कुछ गीत आज मेरे मन में आए हुए नवीन विचारों, शब्दों और रचनाओं का एक अद्भुत संच है ! मेरा जन्म एक साधारण परिवार में हुआ पिता श्री राजेश्वर प्रसाद जी रेलवे में सरकारी कर्मचारी थे माध्यमिक शिक्षा करने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विद्यार्थी विस्तारक रहकर आगे की शिक्षा प्राप्त की कविता लिखने का शौक मुझे कक्षा आठ से लग गया था तब से अब तक मां सरस्वती की कृपा मुझे तुच्छ प्राणी पर बनी हुई है!  आपको कई गीत फिल्मी गीतों की तर्ज पर मिलेंगे तो कई स्वरचित लय और स्वर के आधार पर लिखे गए हैं ये गीत संगीत प्रेमी सर्वजन के लिए एक मनोरंजन का साधन बनेंगे तो साथ ही जीवन में मनन करने योग्य कुछ गीत भी मिलेंगे अंत में आप समस्त जनों को मैं धन्यवाद देते हुए बताना चाहूंगा कि ये रचनाएँ सरस्वती की कृपा का एक छोटा सा अंश ही हैं इनके अंदर कोई व्याकरण संबंधी त्रुटि हो तो उनके लिए म...

सरस्वती वंदना 6

तर्ज --- आजा तुझको पुकारे मेरे गीत रे  मेरी मैया ओ मेरी मैया  हो आजा तुझको पुकारे तेरा पूत री, मैया पूत री, ओ मेरी मैया  हंस सवारी तू करके मां आजा करके मां आजा  वीणा की प्यारी प्यारी धुन तू सुनाजा, धुन तू सुनाजा  आजा तू आजा जल्दी से आजा, आस न जाए मेरी टूट री  आजा तुझको पुकारे तेरा पूत री ओ मेरी मैया.... ज्ञान की देवी तुम हो कहाती, तुम हो कहाती  अजान का तुम तम को मिटाती, तम को मिटाती  तेरी कृपा से, तेरी कृपा से पाप का घड़ा जाय फूट री  आजा तुझको पुकारे तेरा पूत री ओ मेरी मैया.... इस " देवू " की अधभर है नैया, अधभर है नैया  पार लगा दो आप आकर के मैया, आकर के मैया  मेरे भाग्य तख्ता पलट दो, कण्ठ में भर दो स्वर का घूंट री  आजा तुझको पुकारे तेरा पूत री ओ मेरी मैया....                                            🖋 देवेन्द्र कुमार "देवू"

सरस्वती वंदना -- 5

तर्ज -- जनम जनम का साथ है हमारा तुम्हारा   आज माता शारदे बनके सहारा, मां बनके सहारा। आज करके हंस सवारी, पुकारे " देवू " बेचारा।। आज माता शारदे बनके सहारा..... दूर करो दुख दर्द को ओ मेरी मैया आकर , मिट जाते हैं कष्ट सभी तेरी शरण में जाकर । बस जाती हो उसी हृदय में, जिसने तुम्हें पुकारा ।।1।। आज माता शारदे बनके सहारा..... छन्द, ताल स्वर रचना, मिलती तुम्हीं से मैया, आन बसो जिस कण्ठ में, बन जाता है गवैया। कृपा तुम्हारी जिस पर होती, वह तो कभी ना हारा।। 2।। आज माता शारदे बनके सहारा..... जिस घर में तुम रहती, स्वर्ग वहीं बनता है, रहते हैं मिल जुलकर, नहीं बैर ठनता है। " देवू" की तुम हो माँ केवल, दुश्मन है जग सारा।।3।। आज माता शारदे बनके सहारा.....

सरस्वती वंदना--4

मेरी मैया शारदा माता, आजा करके हंस सवारी  " देवू "तेरा दास पुकारे आजा..... ज्ञान की देवी तुम माता, तुम्हीं हो मेरी भाग्य विधाता। कमल का आसन तुमको भाता, वीणा की तान सुनाजा।। " देवू "तेरा दास पुकारे आजा..... शील, विनय का तुम वर देना, करुणा से हृदय भर देना। मन मेरा सुदृढ़ कर देना, साहस तेज बढ़ाजा ।। " देवू "तेरा दास पुकारे आजा..... देश में बढ़ते अत्याचारी, सज्जनों की कर दो रखवारी । वे बन जावें तेरे पुजारी, ऐसी मति कराजा ।। " देवू "तेरा दास पुकारे आजा.....

सरस्वती वंदना -- 3

वीर कर धारिणी मेरा तुमको नमन , हंस की हो सवारी पहने श्वेत वसन । मां मेरी शारदे "देवू" तेरा ललन , गीत शांति के गाऊँ दे तू आशीर्वचन ।।1।। सुर की सरिता मां ऐसी बहा दीजिए , सारेगामा के क्रम को बता दीजिए । मेरी वाणी में आके बस जाओ मां , देश में शान्ति की एक छटा दीजिए ।।2।। जिस घर में पड़े माँ ये तेरे चरण , बस जाएं वहीं सारे देवता गण । वीणा वादिनी माँ ऐसा वरदान दे, विश्व गुरु बन जाए मेरा प्यारा वतन ।।3।।

सरस्वती वंदना 2

Image
                          सरस्वती वंदना-२  सरस्वती वंदना तर्ज - जन्म जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा आजा माता शारदे बनके सहारा ,मां तू बनके सहारा ।  आजा करके हंस सवारी, पुकारे 'देबू ' बेचारा।।  दूर करो दुख दर्द को , ओ मेरी मैया आकर  ।  मिट जाते हैं कष्ट सभी तेरी शरण में जाकर ।  बस जाती हो उसी ह्रदय में, जिसने तुम्हें पुकारा।।१।। आजा माता शारदे----------- छंद ,ताल, स्वर ,रचना मिलती तुम ही से मैया।  आन बसो जिस कंठ में, बन जाता है गवैया ।  कृपा तुम्हारी जिस पर होती, वह तो कभी ना हारा।।२।। आजा माता शारदे---------- जिस घर में तुम रहती ,स्वर्ग वही बनता है ।  रहते हैं मिलजुल कर, नहीं बैर ठनता है ।  "देबू"की तुम हो मां केवल, दुश्मन है जग सारा।।३।। आजा माता शारदे---------