सरस्वती वंदना--4
मेरी मैया शारदा माता, आजा करके हंस सवारी
" देवू "तेरा दास पुकारे आजा.....
ज्ञान की देवी तुम माता, तुम्हीं हो मेरी भाग्य विधाता।
कमल का आसन तुमको भाता, वीणा की तान सुनाजा।।
" देवू "तेरा दास पुकारे आजा.....
शील, विनय का तुम वर देना, करुणा से हृदय भर देना।
मन मेरा सुदृढ़ कर देना, साहस तेज बढ़ाजा ।।
" देवू "तेरा दास पुकारे आजा.....
देश में बढ़ते अत्याचारी, सज्जनों की कर दो रखवारी ।
वे बन जावें तेरे पुजारी, ऐसी मति कराजा ।।
" देवू "तेरा दास पुकारे आजा.....
Comments
Post a Comment