सरस्वती वंदना ----8

तर्ज - जिंदगी की राहों में रंजो गम के  मेले हैं

हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं 
माता तेरे चरणों में, माता तेरे चरणों में, माता तेरे चरणों में 
शीश हम झुकाए हैं 
हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं....... 

श्वेत कमल का आसन तुम्हारा है 
श्वेत कमल का आसन तुम्हारा है 
श्वेत ही वसन माँ तुम्हें अधिक भाए हैं 
हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं....... 

वीणा को धारण करके दर्शन दिखा दो माँ 
वीणा को धारण करके दर्शन दिखा दो माँ 
श्रद्धा सुमन हैं कर में आज हम लाए हैं 
हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं....... 

स्वर की एक धार तू मुझको पिला दे माँ 
स्वर की एक धार तू मुझको पिला दे माँ 
शब्द सारे देवू के हैं नारायण ने गाए हैं 
हंस वाहिनी माँ हम, द्वार तेरे आए हैं....... 

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