सरस्वती वंदना -- 5
तर्ज -- जनम जनम का साथ है हमारा तुम्हारा
आज माता शारदे बनके सहारा, मां बनके सहारा।
आज करके हंस सवारी, पुकारे " देवू " बेचारा।।
आज माता शारदे बनके सहारा.....
दूर करो दुख दर्द को ओ मेरी मैया आकर ,
मिट जाते हैं कष्ट सभी तेरी शरण में जाकर ।
बस जाती हो उसी हृदय में, जिसने तुम्हें पुकारा ।।1।।
आज माता शारदे बनके सहारा.....
छन्द, ताल स्वर रचना, मिलती तुम्हीं से मैया,
आन बसो जिस कण्ठ में, बन जाता है गवैया।
कृपा तुम्हारी जिस पर होती, वह तो कभी ना हारा।। 2।।
आज माता शारदे बनके सहारा.....
जिस घर में तुम रहती, स्वर्ग वहीं बनता है,
रहते हैं मिल जुलकर, नहीं बैर ठनता है।
" देवू" की तुम हो माँ केवल, दुश्मन है जग सारा।।3।।
आज माता शारदे बनके सहारा.....
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