विश्व गुरु भारत
🙏 'विनम्र निवेदन'🙏
आदरणीय पाठक बंधु भगिनी सादर प्रणाम ,
मुझे यह लिखते हुए अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है कि आपके समक्ष प्रस्तुत कुछ गीत आज मेरे मन में आए हुए नवीन विचारों, शब्दों और रचनाओं का एक अद्भुत संच है !
मेरा जन्म एक साधारण परिवार में हुआ पिता श्री राजेश्वर प्रसाद जी रेलवे में सरकारी कर्मचारी थे माध्यमिक शिक्षा करने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विद्यार्थी विस्तारक रहकर आगे की शिक्षा प्राप्त की कविता लिखने का शौक मुझे कक्षा आठ से लग गया था तब से अब तक मां सरस्वती की कृपा मुझे तुच्छ प्राणी पर बनी हुई है!
आपको कई गीत फिल्मी गीतों की तर्ज पर मिलेंगे तो कई स्वरचित लय और स्वर के आधार पर लिखे गए हैं
ये गीत संगीत प्रेमी सर्वजन के लिए एक मनोरंजन का साधन बनेंगे तो साथ ही जीवन में मनन करने योग्य कुछ गीत भी मिलेंगे अंत में आप समस्त जनों को मैं धन्यवाद देते हुए बताना चाहूंगा कि ये रचनाएँ सरस्वती की कृपा का एक छोटा सा अंश ही हैं इनके अंदर कोई व्याकरण संबंधी त्रुटि हो तो उनके लिए मैं हृदय से क्षमा प्रार्थी हूं !
आपका
देवेन्द्र कुमार "देबू"
🚩 विश्वगुरु भारत 🚩
तर्ज --स्वर्ग से सुन्दर सपनों से प्यारा
जय -जय भारत, जय -जय भारत ,जय भारत गूंज उठे !
याद करें वीरों की जिस दिन सब की छाती फटे !
विश्व गुरु भारत होगा आज यह कहना होगा ॥
याद सन 57 की आवे थी वो झांसी वाली रानी,
अंग्रेजों से लड़ गई वो थी इकली हार न मानी !
बेटे को कमर से बांधा पड़ी अपनी जान गवानी,
उस रानी की अमर कहानी अब ना कभी मिटे
विश्व गुरु भारत होगा आज यह कहना होगा------॥ १॥
जलियांवाला बाग हमेशा याद मुझे वह आवै,
जनरल डायर की गोली सबके दिल को दहलाने!
था दरवाजा अकेला वहां जानें कौन बचावे,
जनरल डायर की जुबानी अपना कोई रटे
विश्व गुरु भारत होगा आज यह कहना होगा------॥ २॥
अनगिनत शहीदों का है यहां लेखा-जोखा सारा,
थी जान गंवाई सबने इतिहास गवाह है हमारा !
वीरों ने शस्त्र उठाकर एक ने 10-10 को मारा,
लिखते लिखते अमर कहानी ना "देवू" की कलम डटे
विश्व गुरु भारत होगा आज यह कहना होगा------॥ ३॥
🖋 देवेन्द्र कुमार "देवू"
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