सरस्वती वंदना - 1
माँ शारदे तुम्हे आना होगा
वीणा मधुरतम बजाना होगा ---2
कमल के आसन आज हो बैठारी माँ
करती हैं आप सदा हंस की सवारी माँ
अब ना चलेगा कोई बहाना होगा
वीणा मधुरतम बजाना होगा ---2
सुर की गंगा आज ऐसी बहा दो माँ
सा-रे- गा-मा के क्रम से परिचय करा दो माँ
अज्ञान का तम मिटाना होगा
वीणा मधुरतम बजाना होगा ---2
जिसपे कृपा करे बने मालामाल माँ
थोड़ी सी नजर हटे बने कंगाल माँ
'देवू ' को दास निज बनाना होगा
वीणा मधुरतम बजाना होगा ---2

I learn it in 20 min after you publish this sir thanks sir
ReplyDeleteVery Good
Deleteबहुत सुंदर सराहनीय प्रयास काव्य प्रस्तुति के लिए धन्यवाद
ReplyDeleteBeautiful lyrics.
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