संसार पुस्तक है

                           

                   


         

        

                       संसार पुस्तक है

                        पाठ का सारांश

यह पाठ पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा अपनी पुत्री को लिखा गया एक पत्र है। इस पत्र के माध्यम से दुनिया और छोटे देशों के बारे में अपनी पुत्री को बताना चाहते थे। नेहरू जी इलाहाबाद में थे और उनकी पुत्री इंदिरा गांधी मसूरी में थी। वे पत्रों द्वारा अपनी बेटी को दुनिया की जानकारी देना चाहते हैं। वे लिखते हैं कि तुम इंग्लैंड के बारे में पढ़ी होगी लेकिन वह एक टापू है और हिंदुस्तान दुनिया का एक छोटा सा हिस्सा है। हिंदुस्तान के बारे में जानना है तो हमें उसका अध्ययन करना चाहिए। 

यह धरती लाखों करोड़ों वर्ष पुरानी है पहले इस धरती पर कोई जानदार चीज नहीं होती थी। धरती बहुत गर्म थी किसी का विकास नहीं हो सकता था । पहाड़ ,समुद्र, सितारे, नदिया जंगल ,जानवरों की  पुरानी हड्डियां आदि से हमें दुनिया का हाल मालूम हो सकता है हमें प्रकृति की किताब के रूप में पढ़ने के लिए उसके पत्थरों और चट्टानों की किताब पढ़नी होगी। 


                                शब्दार्थ

घरौंदा -छोटा सा घर

खत  -   पत्र

आबाद - बसा हुआ

गौर से- ध्यान से

जरा -कण

दामन- तलहटी

खुरदरा- जिसकी सतह चिकनी ना हो 


प्रश्न - उत्तर

प्रश्न-1. लेखक ने प्रकृति के अक्षर किन्हें कहा है? 

उत्तर- लेखक ने पेड़ -पौधों ,पत्थरों ,नदियों ,जंगलों, जानवरों की हड्डियों आदि प्राकृतिक चीजों को प्रकृति का अक्षर कहा है। 


प्रश्न-2. लाखों करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती कैसी थी?

उत्तर- लाखों करोड़ों वर्ष पूर्व हमारी धरती बहुत गर्म थी इस पर कोई जीव जीवित नहीं रह सकता था। 


प्रश्न -3. दुनिया का पुराना है किन चीजों से माना जाता है ?कुछ चीजों के नाम लिखो। 

उत्तर- दुनिया का पुराना हाल पहाड़ समुद्र नदियां जंगल के जानवरों की पुरानी हड्डियां पत्थर के टुकड़ों से जाना जाता है। 


प्रश्न-4. गोल चमकीला रोड़ा अपनी क्या कहानी बताता है? 

उत्तर- गोल और चमकीला दिखाई देने वाला रोड़ा पहले ऐसा नहीं था। बारिश के पानी में बहकर वह छोटी घाटी तक आया। पानी के साथ निरंतर ढकेले जाने के कारण उसके कोने घिस कर गोल और चमकदार बन गए। 


प्रश्न-5. गोल चमकीले रोडे को यदि दरिया और आगे ले जाता तो क्या होता? विस्तार से लिखिए। 

उत्तर- यदि दरिया गोल चमकीले रोड़े को अपने साथ और आगे बहाकर ले जाता तो दरिया में लुढ़कते लुढ़कते उसका अस्तित्व एक चमकीले नुकीले रोड़े से अंत में बालू का कण मात्र रह जाता और अंत में समुद्र के किनारे समुद्र की रेत बनकर बालू का किनारा बन जाता । जिस पर बच्चे खेलते कूदते उस पर अनेकों बालू के घर बनाते हुए आनंद लेते। 


प्रश्न-6. नेहरू जी ने इस बात का हल्का सा संकेत दिया है कि दुनिया कैसे शुरू हुई होगी? पाठ के आधार पर लिखिए। 

उत्तर- पाठ में बताया गया है एक हजारों करोड़ों वर्ष पहले पृथ्वी पर जीवन नहीं था फिर बाद में यहां जानवरों का रहना शुरू हुआ। धरती बहुत गर्म थी धीरे-धीरे उसमें परिवर्तन हुआ और बाद में जाकर पृथ्वी पर जीवन संभव हो पाया। 

भाषा की बात

प्रश्न -1.क्रियाओं से वाक्य बनाइए---

       (क) लुढ़कना-- पहाड़ के ऊपर से लुढ़कना  खतरनाक हो सकता है।  

       (ख) ढकेलना-- पंचर गाड़ी को पीछे से धकेलना पड़ता है। 

       (ग) गिरना-- बारिश का पानी ऊपर नहीं  गिरना चाहिए। 

       (घ) खिसकना-- बच्चों को जमीनपर खिसकना अच्छा लगता है। 


प्रश्न-2. "ईला" प्रत्यय जोड़कर विशेषण बनाइए और  उचित संज्ञा शब्द भी जोड़िए। 

(क) पत्थर+ईला = पथरीला

(ख) काँटा+ईला = कँटीला

(ग) रस+ईला = रसीला

(घ) जहर+ ईला = जहरीला




 




    

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

प्यारा कश्मीर

फाल्गुन का गीत