सरस्वती वंदना 2
सरस्वती वंदना-२
सरस्वती वंदना
तर्ज - जन्म जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा
आजा माता शारदे बनके सहारा ,मां तू बनके सहारा ।
आजा करके हंस सवारी, पुकारे 'देबू ' बेचारा।।
दूर करो दुख दर्द को , ओ मेरी मैया आकर ।
मिट जाते हैं कष्ट सभी तेरी शरण में जाकर ।
बस जाती हो उसी ह्रदय में, जिसने तुम्हें पुकारा।।१।।
आजा माता शारदे-----------
छंद ,ताल, स्वर ,रचना मिलती तुम ही से मैया।
आन बसो जिस कंठ में, बन जाता है गवैया ।
कृपा तुम्हारी जिस पर होती, वह तो कभी ना हारा।।२।।
आजा माता शारदे----------
जिस घर में तुम रहती ,स्वर्ग वही बनता है ।
रहते हैं मिलजुल कर, नहीं बैर ठनता है ।
"देबू"की तुम हो मां केवल, दुश्मन है जग सारा।।३।।
आजा माता शारदे---------
🙏🙏🙏 एक बेहतरीन सरस्वती वंदना👏👏
ReplyDeleteआपका आभार है
Delete🙏✍️🙏 बहुत सुंदर गुरुजी
ReplyDeleteआपका आभार है
Deleteबहुत बढ़िया भाईसाहब🙏🙏🙏
ReplyDeleteआपका आभार है
Deleteबहूत खूब गुरुजी
ReplyDeleteबहूत बेहतरीन है
आपका आभार है
DeleteGood
ReplyDeleteआपका बहुत-बहुत आभार
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