प्यारा कश्मीर

मैं आपके सामने कश्मीर से संबंधित है एक गीत प्रस्तुत कर रहा हूं जिसमें कश्मीर को चारों युगों से जोड़ने का प्रयास किया गया है हो सकता है की मेरी कल्पना में आए हुए विचार गलत हो यदि आप कुछ गलत पाते हैं तो मुझे कमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते हैं मैं आपका बहुत-बहुत आभारी रहूंगा तो लीजिए प्रस्तुत है यह गीत प्यारा कश्मीर


मेरी आन चली जाएगी , मेरी जान चली जाएगी ,
तलवार के संग संग में मेरी म्यान चली जाएगी॥ 
धरती से स्वर्ग की पहचान चली जाएगी ॥ 
जाए कश्मीर तो मेरी जान चली जाएगी-----२

इतिहास है शिव जी का, यहां वास है शिव जी का ,
हैं अमरनाथ बाबा कैलाश है शिव जी का ॥ 
हिमालय की शिवलिंग वाली खान चली जाएगी
जाए कश्मीर तो मेरी जान चली जाएगी-----"1" 

ससुराल दशरथ की है, ननिहाल भरत की है, 
है भरत भूमि प्यारी श्री रामचरित की है ॥ 
विश्व सुंदरी केकई की शान चली जाएगी 
जाए कश्मीर तो मेरी जान चली जाएगी------"2"

कश्मीर कर्ण की है ,जगह मेरे धरन की है ,
है भरत भूमि सारी यह मेरे वतन की है॥ 
कुरुक्षेत्र की वह सारी ठान चली जाएगी 
जाए कश्मीर तो मेरी जान चली जाएगी----"3"

अवतार होगा कलि में, यह होगा आज कल में, 
यह वेद बताते हैं यह होगा संभल में ॥ 
'देवू' के स्वर की सारी तान चली जाएगी 
जाए कश्मीर तो मेरी जान चली जाएगी------"4"

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